आर्द्रता क्या है?, आर्द्रता कितने प्रकार की  होती  है ?

प्रियः मित्रो , परीक्षार्थियों एवं पाठको Absuccessstudy    में आपका स्वागत है । पिछले Article  में एशिया महाद्वीप के विषय में विस्तृत से अध्ययन किया था । आज प्रस्तुत Article  में आर्द्रता क्या है? एवं उनके प्रकार तथा आर्द्रता सम्बन्धित विभिन्न जानकारियों को शामिल किया गया है । प्रस्तुत विषय को अत्यन्त सरल  एवं बोधगम्य बनाने का प्रयास किया गया है, जिससे पाठको एवं परीक्षार्थियों को पढ़ने तथा समझने में सुबिधा हो । जिसमे विभिन्न परीक्षाओं में पूछे गये प्रश्नोत्तर का समावेश किया है । आगे नीचे दिये गये विषय सूची  का अध्ययन करेंगे । 

  • आर्द्रता क्या है?
  • आर्द्रता कितने प्रकार की होती है ?
  • वाष्पन
  • संघनन
  • संघनन के रूप
  • आर्द्रता का प्रभाव
  • परीक्षा उपयोगी  प्रश्नोत्तर
  • निष्कर्ष

    आर्द्रता क्या है?

    आर्द्रता क्या है

    वायुमण्डल में उपस्थित जलवाष्प को आर्द्रता कहते है । वायुमण्डल के संगठन में इसकी मात्रा 0 से  4% तक  पायी जाती है ।  वायुमण्डल में पायी जाने वाली जलवाष्प अपना रूप बदलते रहते है उसे जलचक्र कहते है ।  गीलापन वायुमण्डल में तीन रूप में पायी जाती है।  प्रथम गैसी अवस्था में जलवाष्प , तरल अवस्था में जल की वुदो तथा ठोस अवस्था में हिम के कणो के रूप में होती है ।  यह स्थान एवं समय के अनुसार इनकी मात्रा बदलती रहती है । आर्द्रता की माप ग्राम प्रति घनमीटर की जाती है । किसी निश्चित तापमान पर एक घनमीटर वायु जितनी ग्राम जलवाष्प शोषण करती है उसे आर्द्रता सामर्थ्य कहते है ।

    जब किसी वायु में जलवाष्प , आर्द्रता सामर्थ्य के बराबर हो जाये तो उसे संतृप्त वायु ( Saturated  Air ) कहते है ।  यह  मात्रा तापमान बढ़ने के साथ बढ़ती है । जिस न्यूनतम तापमान पर कोई वायु संतृप्त हो जाती है , तो उस बिंदू को ओसांक बिंदू (Dev point) कहते  है । पृथ्वी के धरातल पर नमी  का प्रमुख स्रोत महासागर है । अन्य स्रोतों में झील ,नदी ,तालाब .पोखरा इत्यादि  । आर्द्रता की उत्पत्ति निम्न कारको की सहायता से होती है   

    • जलीय भागो के निकट- सागर ,  झील ,तालाब , पोखरा     
    • वायु का तापमान –  वाष्पीकरण 
    • धरातल पर स्थिति  अवरोध – हिमालय  राकी पर्वत 
    • अन्य क्षेत्र – पौधों द्वारा वायुमण्डल में अधिक आर्द्रता  

    आर्द्रता कितने प्रकार की होती है ?

    आइये हम अध्ययन करे कि  आर्द्रता कितने प्रकार कि होती है ? आर्द्रता तीन प्रकार कि होती है ।

    • निरपेक्ष आर्द्रता(Absolute   humidity)
    • विशिष्ट आर्द्रता ( Specific    humidity )
    • सापेक्ष आर्द्रता Relative    humidity )

    निरपेक्ष आर्द्रता(Absolute   humidity):- किसी निश्चित तापमान पर वायु के प्रति इकाई आयतन में विद्दमान जलवाष्प कि मात्रा को निरपेक्ष आर्द्रता कहते है । इसे ग्राम / घनमीटर में व्यक्त किया जाता है।  शीतल वायु में जलवाष्प कि मात्रा कम होती है ।  तथा ऊष्ण वायु  में जलवाष्प मात्रा अधिक होती है। इसी कारण  ऊष्ण वायु में सापेक्ष आर्द्रता अधिक होती है ।

    विशिष्ट आर्द्रता ( Specific    humidity ):-  वायु के प्रति इकाई भार तथा  जलवाष्प के भार के अनुपात  को विशिष्ट आर्द्रता कहते है। इसको ग्राम / किलोग्राम में मापा जाता है ।

    सापेक्ष आर्द्रता Relative    humidity ):- किसी भी तापमान पर वायु में उपस्थित जलवाष्प तथा उसी तापमान पर उसी वायु की आर्द्रता सामर्थ्य  केअनुपात को सापेक्ष आर्द्रता कहते है  । इसे प्रतिशत मात्रा में व्यक्त किया जाता है ।  सापेक्ष आर्द्रता निम्न तथ्यों पर निर्भर करता है ।

    • जब वायु में अधिक जलवाष्प होते है तो उतना अधिक सापेक्ष आर्द्रता होती है ।
    • तापमान बढ़ने पर सापेक्ष आर्द्रता कम होती  है । तथा तापमान कम होने पर सापेक्ष आर्द्रता बढ़ती है ।
    • संतृप्त वायु  की सापेक्ष आर्द्रता  100% होती है ।

    वाष्पन(Evaporation):-

    किसी  तरल  का अपने क्वथनांक  से नीचे एक तापमान पर वाष्प या गैस में बदलना ही  वाष्पन या वाष्पीकरण कहलाता है । आर्द्रता वाष्पन पर निर्भर होती है ,यदि वाष्पन अधिक होता है तो आर्द्रता कम होती है ।  वाष्पन को प्रभावित करने वाले कारको में तापमान ,शीतलता ,वायु की गति एवं सतही स्थान आदि है ।  वातावरण में तापमान बढ़ने पर वाष्पीकरण बढ़ता है। और नमि बढ़ने पर वाष्पीकरण घटता है ।

    संघनन(Condensation):-

    जलवाष्प या गैसीय रूप का तरल या द्रव तथा हिम( ठोस ) में रूपान्तरण ही संघनन कहलाता है । संघनन  ,वाष्पीकरण  का विलोम है । आर्द्र वायु के शीलन होने से संघनन होता है ।वायु के जिस तापमान पर गैस से तरल या ठोस अवस्था में परिवर्तित होता है उसे ओसांक( Dew point ) कहते है । ओसांक पर वायु संतृप्त  हो जाती है तथा सापेक्ष आर्द्रता 100% हो जाती है।  जब वातवरण में उपस्थित सूक्ष्म कणो के चारो तरफ ठण्डक होने से संघनन  होता है इन  सूक्ष्म कणो को संघनन केंद्र कहते है । जैसे- धूल ,धुँआ एवं समुंद्री नमक  के कण अच्छे संघनन केंद्र होते है ।संघनन  निम्न करको पर निर्भर करता है ।

    • तापमान की कमी
    • वायु की सापेक्ष आर्द्रता

    संघनन के रूप:-

    वातावरण में जलवाष्प जब संघनन की प्रक्रिया में रूपान्तरित होते  है ,तो ओस ,पाला ,कुहरा , धुंध, हिमपात एवं  ओलावृष्टि  आदि   पड़ते है । जब ओसांक , हिमांक विंदू के नीचे होता है तो पाला ,हिम, पक्षाभेघ आदि का निर्माण होता है किन्तु यह हिमांक विंदू से ऊपर होता है तब ओस ,कुहरा ,धुंध तथा बादल बनते  है।

    • ओंस :-  वातावरण दिन में सूर्य से ताप प्राप्त करते है, और रात्री में सूर्यताप विकरण द्वारा वायुमण्डल में चला जाता है । तब धरातल तापमुक्त होकर शीतल होने लगता है । तथा वायु में उपस्थित जलवाष्प में संघनन की क्रिया आरम्भ हो जाती है । तब जलवाष्प , द्रव के रूप में पेड़ – पौधे ,घास -फूस  ,फूल -पत्तियों एवं भूमि एकत्रित  जलबूँदों को ओंस कहते है 
    • पाला या तुषार:-  जब धरातल का तापमान 32° फारेनहाइट या 0° सेन्टीग्रेट अथवा हिमांक बिंदू से नीचे हो जाता है । तब वायुमण्डल का जलवाष्प हिमकणो में बदल जाता है , जिसे पाला कहते है । पाला शीत ऋतू में अधिक पड़ता है , जिससे खड़ी फसलों एवं  कृषि को बहुत हानि होती  है ।
    • धुंध  या कुहास   :-  धुंध , कुहरे का एक रूप होता है जो घना नहीं होता है  । वह  हल्का एवं पतला होता है जो एक से   दो  किमी तक दृश्यमान होता है

     कुहरा:- 

    वायुमण्डल में निचे ठड़े परतो के स्पर्श पाकर वायु का तापमान गिर जाता है । जब तापमान गिरने लगता है तो जलवाष्प द्रव में परिवर्तित हो जाता है । उसके पश्चात जलकण सूक्ष्म धूल के कणो पर लटक जाता है उसे कुहरा कहते है। वायु में जलकणो के  कारण वायुमण्डल की दृश्यता प्रभावित होती है । कुहरे की दृश्यता लगभग 200 मीटर तक होती है । कुहरा तीन प्रकार के होते है।               (1)- विकिरण कुहरा-  जब रात को विकरण द्वारा धरातल शांत एवं  आर्द वायु की परते ठंडी होकर कुहरा फैलता है

    (2) सम्पर्किय विकरण  कुहरा-    जब ठन्डे धरातल पर गर्म एवंआर्द वायु  का आगमन होता है । आपस में मिश्रणse जो कुहरा उत्पन्न होता है उसे सम्पर्किय विकरण  कुहरा कहते है। इस प्रकार के कुहरे जाड़े के  मौसम स्थलीय भागो में और गर्मी के मौसम में सागरीय भागो में  उत्पन्न होता है  ।

     (3) सीमान्त कुहरा-    उष्ण एवं शीतल वायु राशियों  के सीमा पर उत्पन्न कुहरे सीमान्त कुहरा कहते है । 

    संघनन के अन्य रूप:-

    हिमपात :-  जब  वायु का तापमान हिमांक बिन्दू से  काफी  नीचे गिर जाता है। तब जलवाष्प हिम -कणो  के रूप में परिवर्तित हो जाता है  जिससे धरातल पर हिमपात होने लगता है ।  हिमपात उच्ची पर्वते एवं ठन्डे देशो में होता है । ओलावृष्टि :- जलवाष्प के अधिक ठन्डे होने के कारण जलवाष्प  छोटे -बड़े बर्फ के रूप में बन जाते है उसे ओला कहते है । जब ओला गर्ज के साथ पृथ्वी पर गिरता है तो उसे ओलावृष्टि  कहते है । जिससे खड़ी फसलों को  हानि होती है । बादल:-    पृथ्वी के धरातल से विभिन्न ऊचाइयों पर  वायुमण्डल में जलवाष्प मौजूद होते है जब जलवाष्पो में संघनन से निर्मित हिमकणों या जल – सीकरो  को बादल  या मेघ  कहते है ।

    आर्द्रता का प्रभाव:-

    आर्द्रता का प्रभाव वायुमण्डल के प्रत्येक जीव-जन्तु  एवं वनस्पतियो  पर पड़ता है । यदि आर्द्रता सामान्य होती है तब वातावरणअच्छाहोता है । जब तापमान में वृद्धि होती है तो आर्द्रता पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है जिससे मानव प्रभावित होते है । आर्द्रता तथा तापमान के  बढ़ने- घटने कारण पाला  ,कुहरा ,ओलावृष्टि  एवं  कुहासा आदि उत्पन्न होते है ।

    परीक्षा उपयोगी  प्रश्नोत्तर:-

    प्रश्न 1-  कितने प्रतिशत सापेक्षिक आर्द्रता स्वास्थ्य के लिए अनुकूल होती है?

    उत्तर-   60 %

    प्रश्न 2-  कुहरे की दृश्यता  कितनी होती है ?

    उत्तर-   लगभग 200  मीटर

    प्रश्न 3- किस प्रकार की आर्द्रता पर वर्षा की भविष्यवाणी की जाती है? 

    उत्तर-   सापेक्षिक आर्द्रता

    प्रश्न 4- वायु का तापमान कितने फ़ारेन्हाईट से कम होने पर पाला गिरता है  ?

    उत्तर-    32° फ़ारेन्हाईट

    प्रश्न 5- आर्द्रता की माप की इकाई क्या है ?

    उत्तर-  ग्राम प्रति घनमीटर की जाती है ।

    प्रश्न 6- आर्द्रता के  कितने रूप है?

    उत्तर- तीन रूप – जलवाष्प , तरल  एवं ठोस

    प्रश्न 7 – संघनन का कौन  रूप जो दृश्यता को न्यूनतम क्र देता  है ?

    उत्तर  –      कोहरा

    प्रश्न 8 – विश्व का सबसे ठण्डा स्थल कौन है?

    उत्तर –    वर्खोयांस्क

    प्रश्न 9- विश्व में सबसे गर्म स्थान कौन है?

    उत्तर- अलजीजिया ( लीबिया) अफ्रीका

    प्रश्न10 – विश्व सबसे अधिक कुहरा कहाँ -कहाँ  पाए जाते है?

    उत्तर – न्यूफाउंलैंड़, केलिफोर्निया ,नमीबिया ,चिली तट एवं   उत्तरी भारत  आदि।

    निष्कर्ष:-

    आज  हम इस  Article के माध्यम से बताने का प्रयास किये है, कि  आर्द्रता क्या है?, आर्द्रता कितने प्रकार की होती है? ,वाष्पन, संघनन तथा विभिन्न परीक्षाओ पूछे गये प्रश्नो का अध्ययन किया गया है ।  इस Article में आर्द्रता  की विस्तृत जानकारी दी गयी है । जो विभिन्न परीक्षाओ हेतु उपयोगी एवं ज्ञानवर्धक है।  आपको मेरा लेख अच्छा लगा तो Like  और   Share    करे। नई- नई  जानकीरी हेतु   Absuccess study  का अध्ययन  करते रहे ।

    धन्यवाद 

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    https://en.wikipedia.org/wiki/Moisture


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